Sunday, 23 July 2017

पुराने सांचे

मुझे ये लगता है इंसान जिससे बनता था
पुराने  सारे वो  सांचे  ख़ुदा ने  तोड़ दिए


مجھے یہ  لگتا ہے انسان جسسے بنتا تھا
پرانے سارے وہ سانچے خدا نے توڑ دیے



MUJHEY  yeh  lagta  hai  'INSAAN'   jissey  banta  tha
PURAANEY saarey vo saanchey KHUDA ney TOD diye


© रामनाथ शोधार्थी
डॉ. रामनाथ शोधार्थी, रघुनन्दन आवास, वार्ड न. -13, ग्राम: सुरौधा कॉलोनीपोस्ट+थाना: कोईलवर, जिला: भोजपुर, पिन:  802 160, बिहारभारत 

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